राशन घोटाला या सिस्टम की लापरवाही? भीड़ में पिस रही गरीब जनता, डीलर की मनमानी चरम पर 

राशन घोटाला या सिस्टम की लापरवाही? भीड़ में पिस रही गरीब जनता, डीलर की मनमानी चरम पर

 

हुज़ूरपुर/बहराइच

 

उत्तर प्रदेश जनपद बहराइच के विकासखंड हुज़ूरपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मोगलाहा के ग्राम जैमरा में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में है। राशन की दुकान पर भारी भीड़ उमड़ रही है, लेकिन गरीबों को उनका हक नहीं मिल पा रहा। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि रिकॉर्ड में “पूर्ण वितरण” दिखाया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।

ग्रामीणों का आरोप है कि हर महीने राशन समय से पहले ही “खत्म” बता दिया जाता है। लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहने के बाद खाली हाथ लौटना पड़ता है। इससे साफ जाहिर होता है कि कहीं न कहीं बड़ा खेल चल रहा है। इतना ही नहीं, प्रति यूनिट 5 किलो राशन के बजाय सिर्फ 4.5 किलोग्राम दिए जाने का आरोप भी सामने आया है, जिससे हर कार्डधारक के हिस्से में कटौती की जा रही है।

जनता का कहना है कि राशन डीलर खुलेआम मनमानी कर रहा है। कभी स्टॉक खत्म होने का बहाना, तो कभी कम तौल—इन सबके बीच गरीब परिवारों का हक लगातार छीना जा रहा है। शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह मौन साधे हुए हैं, जिससे उनकी भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।

सरकार एक तरफ दावा करती है कि हर गरीब तक पूरा राशन पहुंचाया जा रहा है, लेकिन मोगलाहा के जैमरा गांव की स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है। यहां सिस्टम और डीलर की मिलीभगत से भ्रष्टाचार का खेल धड़ल्ले से चल रहा है और गरीब जनता सिर्फ तमाशा देखने को मजबूर है।

अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर गरीबों का राशन जा कहां रहा है? कब तक डीलर की मनमानी यूं ही चलती रहेगी? और कब जागेगा प्रशासन?

 

कि तत्काल जांच कर दोषी राशन डीलर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और गरीबों को उनका पूरा हक दिलाया जाए, वरना आने वाले समय में बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है।

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