*वस्तुआ में मजदूरो को ₹14 दर से दी जा रही मजदूरी, जिम्मेदार बेखबर।*

*वस्तुआ में मजदूरो को ₹14 दर से दी जा रही मजदूरी, जिम्मेदार बेखबर।*

राजबहोर यादव

 

सीधी जिले का कुसमी जनपद पंचायत अक्सर भ्रष्टाचार को लेकर अखबारों की सुर्खियों में बना रहा है कुछ इसी तरह का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार बस्तुआ पंचायत में तालाब में निर्माण कार्य पंचायत कर्मियों के द्वारा कराया गया और मजदूरों के खाते में ₹14 के प्रति दिन की दर से मजदूरी भेजी गई।

जिसको लेकर कुसमी जनपद का वस्तुआ पंचायत एकबार फिर सुर्खियों में आ गया है और कम मजदूरी पाने के कारण स्थानीय मजदूर गांव छोड़कर बाहर पलायन कर रहे हैं ,कई तो सूरत गुजरात में जीवन बिताने चले गये और घर वापस आने को मजबूर हैं। वहीं पंचायत कर्मी अब मशीनों से काम करना शुरू कर दिये है।जिसे अधिकारी नजर अंदाज करते जा रहे हैं।

 

*ऐसा हुआ खुलासा*

 

वस्तुआ के संबंधित ग्रामीणों से मीडिया कर्मियो की जब बात हुई तब उन्होंने बताया कि जगदीश सिंह पिता हरि सिंह के खेत तालाब निर्माण कार्य में मजदूरों को लगाया गया जिसमे मस्टर रोल क्रमांक 1035 में लगे मजदूरों को ₹14.17 प्रति दिन के हिसाब से 6 दिन की मजदूरी ₹85.2 दी गई।जिससे पंचायत के स्थानीय लोगो ने काम मे जाना बंद कर दिये है,और अब सभी निर्माण कार्यों की जांच की मांग कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

 

*विरोध प्रदर्शन शुरू*

 

कुसमी जनपद की पंचायतो मे कम मजदूरी दर देने को लेकर समाज सेवी आनंद सिंह ददुआ ने बताया कि जनपद पंचायत कुसमी के कई ग्राम पंचायतो में मजदूरों के साथ घोर अन्याय किया जा रहा है उन्हें कम मजदूरी दी जा रही है और इंजीनियर एसडीओ अपने घर में ही बैठकर मजदूरी तय कर रहे हैं कभी साइड में नहीं जाते हैं।

जबकि मजदूर यदि काम करने खेत में गया है तो फिर उसे न्यूनतम मजदूरी देना उचित होता है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों के लापरवाही के कारण कई क्षेत्रों से कम मजदूरी दर देने की घटनाएं सुनाई दे रही हैं एवं शिकायतें प्राप्त हुई है लोग बाहर पलायन कर रहे हैं इन सभी शिकायतों को लेकर मैं प्रशासन को अवगत कराकर धरना प्रदर्शन भी करने वाला हूं।

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