*भदौरा में रेल के लिये जनआंदोलन, पटरियों पर लेटे हजारों लोग,आह्वाहन के बाद पटरी से हटी जनता*
राजबहोरयादव
रेलवे इंटरसिटी ट्रेन के स्थायी स्टॉपेज एवं शंकरपुर–भदौरा रेलवे स्टेशन को पूर्ण स्टेशन का दर्जा दिलाने की मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। बुधवार को भदौरा रेलवे स्टेशन परिसर में जेल भरो आंदोलन के अगले चरण के रूप में रेल रोको आंदोलन शुरू किया गया, जिसने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
समाजसेवी आनंद सिंह (ददुआ) के नेतृत्व में शुरू हुए इस जनआंदोलन के दौरान आक्रोशित लोगों ने एक मालगाड़ी को रोक दिया। देखते ही देखते हजारों की संख्या में महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग रेलवे पटरियों पर बैठ गए और कई लोग पटरियों पर लेटकर विरोध दर्ज कराने लगे। पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन जनता के तेवर बेहद सख्त नजर आए।
सुबह से ही स्टेशन क्षेत्र में भारी भीड़ जुटने लगी थी। नारेबाजी के बीच आंदोलनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित आदेश और ठोस कार्रवाई चाहिए। आनंद सिंह (ददुआ) ने कहा कि वर्षों से इंटरसिटी स्टॉपेज, स्टेशन मास्टर की पदस्थापना और पैसेंजर ट्रेनों की बहाली की मांग की जा रही है, लेकिन हर बार रेल प्रशासन ने जनता की अनदेखी की।
रेल संघर्ष समिति ने बताया कि कोरोना काल में बंद की गई चार पैसेंजर ट्रेनें आज तक बहाल नहीं हुईं, जिससे गंभीर मरीजों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को जबलपुर, रीवा और अन्य बड़े शहरों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह केवल रेल सुविधा का मुद्दा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़ा सवाल है।
रेल रोको आंदोलन की सूचना मिलते ही रेलवे और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और अधिकारियों द्वारा आंदोलनकारियों से बातचीत की कोशिश की जा रही है। हालांकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े
रहे।
आंदोलन में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इसे सर्वदलीय स्वरूप दे दिया है। महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने आंदोलन को और मजबूती दी है।
*एडीआरएम के आश्वासन के बाद भदौरा का रेल आंदोलन समाप्त*
बताते चलें एक माह में इंटरसिटी स्टॉपेज का भरोसा
रेल स्टॉपेज और शंकरपुर–भदौरा रेलवे स्टेशन को पूर्ण स्टेशन का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर भदौरा गांव में चल रहा उग्र आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया। रेलवे प्रशासन की ओर से मौके पर पहुंचे एडीआरएम (असिस्टेंट डिविजनल रेलवे मैनेजर) ने प्रदर्शनकारियों को लिखित पत्र सौंपते हुए एक महीने का समय मांगा और भरोसा दिलाया कि एक माह के भीतर इंटरसिटी ट्रेन के स्टॉपेज की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इस आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की।
गौरतलब है कि जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र भदौरा में महिलाओं सहित हजारों ग्रामीण रेलवे पटरी पर बैठ गए थे। आंदोलन के कारण करीब चार घंटे तक रेल आवागमन पूरी तरह बाधित रहा, जिससे कई ट्रेनों को रास्ते में रोकना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कई थानों का पुलिस बल तैनात किया था और अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
एडीआरएम द्वारा दिए गए पत्र में स्पष्ट किया गया कि भदौरा क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांगों को रेलवे गंभीरता से ले रहा है। इंटरसिटी ट्रेन के स्टॉपेज को लेकर तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया को एक महीने के भीतर पूरा करने का आश्वासन दिया गया है। साथ ही भविष्य में स्टेशन को लेकर अन्य मांगों पर भी चरणबद्ध तरीके से विचार किए जाने की बात कही गई।
स्थानीय नेता आनंद सिंह दद्दुआ ने एडीआरएम के आश्वासन को आंदोलन की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि यह संघर्ष क्षेत्र के हजारों लोगों की जरूरतों से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि भदौरा और आसपास के गांवों के लोग शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए रेल पर निर्भर हैं, लेकिन स्टॉपेज न होने से उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब रेलवे का लिखित आश्वासन मिलने के बाद लोगों को उम्मीद जगी है।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि तय समयसीमा में वादा पूरा नहीं हुआ, तो वे दोबारा आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल एडीआरएम के पत्र और आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने रेलवे पटरी से हटकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन समाप्त कर दिया, जिससे रेल यातायात बहाल हो सका। आंदोलन में जनपद अध्यक्ष कुसमी श्यामबाती सिंह, रोको टोको ठोको अधिकारी आंदोलन के नेता तिवारी,आदिवासी नेता पूर्व जिला पंचायत सदस्य शेषमणि प्रसाद पनिका, तिलकराज सिंह डाला पीपर जनपद सदस्य सनी प्रजापति के साथ आसपास के क्षेत्रीय नेता ग्रामीण जनता का पुरुष भारी संख्या में आन्दोलन में शामिल रहे।वही प्रशासनिक अधिकारियों में एसडीएम कुसमी विकास कुमार आनंद तहसीलदार नारायण सिंह नायब तहसीलदार अमित द्विवेदी थाना प्रभारी कुसमी अरुणा द्विवेदी थाना प्रभारी मडवास याततयात प्रभारी भूपेश बैश ,थाना प्रभारी भूइमाड गोपाल सिंह सहित रेल विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भारी संख्या में पुलिस बल स्थल में मौजूद रहा।