उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद के फखरपुर क्षेत्र से,
जहां लगातार हो रही बिजली कटौती ने अब लोगों का सब्र तोड़ दिया है।
ब्यूरो रिपोर्ट फरियाद अली
फखरपुर क्षेत्र में आज सैकड़ों ग्रामीणों और बिजली उपभोक्ताओं ने एकजुट होकर
एसडीओ फखरपुर को ज्ञापन सौंपा।
यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन लोगों की आवाज में साफ नाराज़गी और चेतावनी झलक रही थी।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह अनियमित हो चुकी है।
घंटों-घंटों बिजली गायब रहती है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
ज्ञापन में सबसे बड़ी मांग यह रखी गई कि
सरकारी रोस्टर के अनुसार कम से कम 18 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा 18 घंटे बिजली दो, वरना आंदोलन झेलने को तैयार रहो।”
बिजली संकट का सबसे ज्यादा असर किसानों और छात्रों पर पड़ रहा है।
किसानों की फसलें सिंचाई के अभाव में सूखने की कगार पर हैं,
वहीं छात्रों की पढ़ाई भी अंधेरे में डूब रही है।
इसके साथ ही भीषण गर्मी और उमस ने हालात और भी बदतर कर दिए हैं।
बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं इस कटौती से सबसे ज्यादा परेशान हैं।
बिजली न होने से न सिर्फ राहत के साधन बंद हो जाते हैं,
बल्कि स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष
श्याम जी त्रिपाठी ने साफ शब्दों में कहा—
“हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने आए हैं,
लेकिन अगर जल्द सुधार नहीं हुआ,
तो हम बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।”
इस दौरान कलामुद्दीन अंसारी, चांद अली, आरजू शर्मा,
विशाल शुक्ला, ललित पाठक, नफीस सिद्दीकी,
अबरार अहमद, अखिलेश वर्मा, मोहन उपाध्याय,
शुभम उपाध्याय, राहुल मिश्रा, चंद्रसेन सिंह,
राज वर्मा, वकील अहमद, पत्रकार हजरत अली,
जुनैद अहमद समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।
अब देखना होगा कि बिजली विभाग इस चेतावनी को कितना गंभीरता से लेता है,
और कब तक फखरपुर के लोगों को इस समस्या से राहत मिलती है।
फिलहाल, सवाल यही है—
क्या जनता को उनका हक मिलेगा,
या फिर आंदोलन की आग और भड़केगी?