बाराबंकी,
ब्यूरो–अकरम उस्मान, बाराबंकी
स्लग–प्रबंधकीय विवाद को लेकर उच्च न्यायालय ने सुनाया बड़ा फैसला, पंजीकरण को पूरी तरह किया अवैध घोषित
अगली खबर हैं उत्तर प्रदेश के जनपद बाराबंकी के अन्तर्गत आने वाले कस्बा जैदपुर से जहाँ कस्बा जैदपुर में स्थित मदरसा दारूल उलूम आरफिया में चल रहे प्रबंधकीय विवाद को लेकर उच्च न्यायालय की खंडपीठ लखनऊ ने बड़ा फैसला सुनाया हैं | जबकि कोर्ट ने डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा पूर्व में जारी किए गए प्रबंधक के पंजीकरण आदेश को साफ तौर पर अवैध करार दे दिया | वहीं न्यायिक आदेश के बाद जैदपुर के पूर्व चेयरमैन रियाज अहमद को अब मदरसा दारूल उलूम आरफिया के प्रबंधक पद से निष्कासित हो गये हैं | इस बड़े घटनाक्रम के बाद दूसरे पक्ष के डॉक्टर मोहम्मद हारून राईन ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी | जिसको लेकर मामले की सुनवाई के बाद माननीय उच्च न्यायालय ने बीती 16 मार्च को स्पष्ट आदेश पारित करते हुए डिप्टी रजिस्ट्रार के उस पंजीकरण को पूरी तरह अवैध घोषित कर दिया था | वहीं सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिज़वी ने स्पष्ट पाया कि डिप्टी रजिस्ट्रार ने अपने अधिकार क्षेत्र की सीमाएं लांघते हुए आदेश पारित किया | अदालत ने साफ किया कि समिति की सूची निरस्त करने का वैधानिक अधिकार उनके पास नहीं था | इस न्यायिक आदेश के बाद रियाज अहमद अब मदरसे के प्रबंधक पद से निष्कासित हो गए हैं | इस बड़े घटनाक्रम के बाद दूसरे पक्ष के डॉक्टर मोहम्मद हारून राईन ने जिला अल्पसंख्यक अधिकारी को पत्र सौंपकर मदरसे में तत्काल ‘एकल संचालन व्यवस्था लागू करने की माँग भी की है | जबकि हारून राईन ने कहाँ कि डॉक्टर रिजवान के फर्जी हस्ताक्षर बना कर नोटरी बनवाई गई और इसकी कई बार शिकायत की गई | अगर इसके बाद भी कोई कार्यवाही नहीं होती हैं तो हम माननीय मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे और साथ ही जिलाधिकारी से शिकायत करेंगे | फिर भी एकल संचालन व्यवस्था जल्द लागू नहीं होती हैं तो हम और हमारी पूरी कमेटी के सभी सदस्य विधान सभा के सामने धरना देने के लिए बाध्य होगे |
ब्यूरो–अकरम उस्मान, बाराबंकी