बाँसवाड़ा, राजस्थान

बाँसवाड़ा, राजस्थान

 

 

रिपोर्ट–धर्मेन्द्र कुमार सोनी, बाँसवाड़ा, राजस्थान

 

 

स्लग–आख़िर कब शुरू होगा पाटन का अधूरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ग्रामीणों ने की शीघ्र ही निर्माण की माँग

 

 

राजस्थान के जनपद बाँसवाड़ा के अन्तर्गत कस्बा कुशलगढ़ के उप खण्ड क्षेत्र पाटन में अभी तक अधुरा पड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कब बन कर तैयार होगा | जहाँ एक और केन्द्र सरकार से लेकर राजस्थान में डबल इंजन की सरकार होते हुए भी राजस्थान के बाँसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उप खंड क्षेत्र के खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र के मध्यप्रदेश की सीमा से सटे पाटन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की कांग्रेस सरकार ने करीब डेढ़ करोड़ की लागत से बनने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक रमीला हुरतिंग खडीया ने दिनांक 16 दिसम्बर सन् 2022 में इस नव निर्माण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया था | तब लोगों को लगा की पाटन सहित आस–पास के गरीब मरीजों के लिएं यह अस्पताल नि:शुल्क ईलाज के लिए वरदान साबित होगा | मगर सरकार की लापरवाही कहें या चिकित्सा विभाग या जन प्रतिनिधियों की अनदेखी के चलते पाटन का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य लगभग 4 साल और कुछ माह बाद भी पूरा नहीं बन पाया है इतना ही नहीं कुछ दिन पूर्व कुशलगढ़ विधायक रमीला हुरतिंग खडीया ने क्षेत्र में अस्पतालों में स्टाफ व कार्य अधूरे को लेकर ज्ञापन भी दिया था | मगर ना ही सरकार व प्रशासन व चिकित्सा विभाग ने इस जरूरी समस्या पर आख़िर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा | प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समय पर पूरा नहीं बनने से लोगों को ईलाज के लिए या तो तथाकथित नीम हकीम, झोलाछाप बंगाली डाक्टरों के पास जाना पड़ता है या मध्यप्रदेश या गुजरात ईलाज हेतु जाना पड़ता है | वहीं हमने ग्रामीणों व समाजसेवियों से जब जानकारी प्राप्त की तो उनका कहना था कि हमने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के अतिशीघ्र निर्माण कराए जाने की माँग की हैं | इस मौके पर विष्णु निनामा दिनेश कटारा, सरदार मुणीया, सुखराम खराड़ी, प्रभु भगत दिनेश निनामा सहित अन्य लोगों ने पाटन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जल्द से जल्द पूरा अस्पताल बनाने की माँग की बात कहीं है देखना अब यह होगा कि क्या पाटन में अधूरे पड़े प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनेगा या फिर से आमजनमानस को आश्वासन ही मिलेगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा |

 

 

रिपोर्ट–धर्मेन्द्र कुमार सोनी, बाँसवाड़ा, राजस्थान

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