हाथरस-गौवंश तस्करों की गिरफ्तारी कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग को लेकर गौरक्षक बैठे धरने पर
हाथरस के सिकंदराराऊ में गौवंश तस्करी के आरोपियों पर कार्रवाई न होने से नाराज गौरक्षकों ने रविवार, 22 फरवरी को धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह प्रदर्शन सिकंदराराऊ-जलेसर रोड स्थित भैकुरी चौराहे के पास हो रहा है। मामला नौ दिन पुराना है, जब 13 फरवरी की रात करीब 1 बजे हसायन क्षेत्र के बपंडई गांव स्थित अस्थाई गौ संरक्षण केंद्र से गौवंशों की तस्करी का प्रयास किया गया था। पशु तस्कर महाराष्ट्र प्रांत के एक छह पहिया कंटेनर में निराश्रित गौवंशों को भरकर ले जा रहे थे। गांव बपंडई के ग्रामीणों ने गौशाला के अंदर ही वाहन को पकड़ लिया, लेकिन पशु तस्कर वाहन छोड़कर भागने में सफल रहे। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना गौरक्षा संगठन के सदस्यों को दी। सूचना मिलने पर गौरक्षक भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने कोतवाली पुलिस व पुलिस क्षेत्राधिकारी सिकंदराराऊ जैनेंद्रनाथ अस्थाना को घटना की जानकारी दी। इसके बाद कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर गिरीश चंद्र गौतम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और कंटेनर को कब्जे में लेकर कोतवाली ले गए। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे नाराज गौरक्षकों ने 18 फरवरी को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर डीएम अतुल वत्स से शिकायत की थी। उन्होंने डीएम के नाम से ओसी कलेक्ट्रेट प्रभारी प्रज्ञा यादव को ज्ञापन भी सौंपा था। गौरक्षकों का आरोप है कि ज्ञापन सौंपने के बाद भी कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में उन्होंने रविवार को धरना प्रदर्शन शुरू किया है। गौरक्षकों का कहना है कि जब तक गौवंश तस्करी करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि कार्रवाई न होने पर वे इस प्रदर्शन को आमरण अनशन में बदल देंगे। इस धरना प्रदर्शन करने वालों में गौरक्षक अमन सिंह, संदीप उपाध्याय, निशांत यादव, नरेंद्र सिंह, अंकित कौशिक, आशीष कौशिक, कुक्कू ठाकुर, गौरव ठाकुर, विनय ठाकुर, पंकज ठाकुर, मनोज ठाकुर, सुमित पंडित, जय, अभिषेक, जितेंद्र तिवारी, अजय तिवारी, लव कुश शर्मा इत्यादि मौजूद