आंगनबाड़ी केन्द्र पर पोषाहार वितरण में हो रही जमकर धांधली,जिम्मेदार मौन

आंगनबाड़ी केन्द्र पर पोषाहार वितरण में हो रही जमकर धांधली,जिम्मेदार मौन

 

उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद भी अभी तक नहीं हुई कोई कार्यवाही

 

ग्राम बरवलिया कुर्मी के अनेकों लाभार्थियों ने सामूहिक रूप से उच्चाधिकारियों से पुनः संपूर्ण प्रकरण की जांच कराकर त्वरित कार्यवाही करने और पोषाहार सहित अन्य पोषक सामग्री दिलाने की लगाई गुहार

 

 

क्राइम ब्यूरो रंजीत तिवारी

 

कर्नलगंज/हलधरमऊ, गोण्डा। तहसील क्षेत्र के विकासखंड व बाल विकास परियोजना क्षेत्र हलधरमऊ के ग्राम पंचायत बरवलिया कुर्मी में महिलाओं ने छह माह से पोषाहार व अन्य पोषक सामग्री ना मिलने और जिम्मेदार लोगों द्वारा पोषण सामग्री को ग्राम के लाभार्थियों को नियमानुसार वितरण ना करके आपस में बंदरबाँट कर लिये जाने के संबंध मे कई बार अधिकारियों से शिकायत की है, इसके बावजूद अभी तक कोई कार्यवाही ना होने से विवश होकर गांव के महिलाओं,बच्चों, लाभार्थियों ने उच्चाधिकारियों से पुनः संपूर्ण मामले की स्थलीय जांच कराकर सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र से वितरण कराये जाने वाले पोषाहार व अन्य वस्तुओं को दिलाया जाना और आंगनबाड़ी केंद्र को चालू कराते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सहायिका के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही किया जाना नितांत आवश्यक बताते हुए स्थलीय जांच कराकर आंगनबाड़ी केंद्र केंद्र से पोषाहार व अन्य सामग्री दिलाते हुए आंगनबाड़ी केंद्र को चालू कराने व आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सहायिका के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

 

प्रकरण बाल विकास एवं पुष्टाहार परियोजना क्षेत्र हलधरमऊ का है, जिसके अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र पर 6 माह से 3 साल, 3 साल से 6 साल तक बच्चे और गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं और कुपोषित बच्चों के लिए सरकार द्वारा चना दाल, दूध, देसी घी, चावल, गेहूं व रिफाइंड तेल आदि दिया जाता है। लेकिन सरकार की इस अति महत्वाकांक्षी योजना पर सीडीपीओ, सुपरवाइजर,लिपिक व जिम्मेदार लोग मिलकर पानी फेर रहे हैं। इसी परियोजना क्षेत्र के ग्राम बरवलिया कुर्मी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के अन्तर्गत ग्राम के सुनीता, कैसर जहां, सकीना लक्ष्मी, मीना, पूनम, राजकुमारी आयशा, राजदुलारी,बिंदु, प्रदीप वर्मा,रोहित वर्मा, अनिल वर्मा सतीश वर्मा, शिव बहादुर आदि अनेकों लोगों द्वारा जिलाधिकारी सहित अन्य उच्चाधिकारियों को सामूहिक रूप से भेजे गये पत्र में कहा गया है कि प्रार्थीगणों के गांव में लगभग 7 वर्ष पूर्व आंगनबाड़ी केंद्र बना था जो आज तक बंद पड़ा है और आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सहायिका के द्वारा आज तक लाभार्थियों को ना तो पोषाहार व अन्य सामग्री दिया जा रहा है तथा आंगनबाड़ी केंद्र के सामने ग्राम समाज की खाली भूमि पर दबंग व्यक्तियों द्वारा अवैध रुप से मकान का निर्माण किया जा रहा है।महिलाओं,बच्चों ने बताया कि उनके गांव में करीब छः माह से पोषाहार व अन्य वस्तुओं का वितरण नहीं किया गया है और लगातार पोषाहार आगनबाड़ी कार्यकत्री के द्वारा उठान करके सहायिका व जिम्मेदार लोगों की मिलीभगत से कागजों में वितरण दिखाकर बंदरबांट करते हुए गबन किया जा रहा है। वहीं बिना वितरण किये विभागीय अधिकारियों और ग्राम पंचायत के जिम्मेदार लोगों की सांठगांठ से फर्जी तरीके से उठान भी कर लिया जाता है, जो सरासर गलत है। गाँव की कई महिलाओं ने बताया कि उन्हें बीते छः माह से पोषाहार व अन्य वस्तुओं का वितरण नहीं किया गया है। इसकी शिकायत अधिकारियों से कई बार करने के बाद भी अभी तक पोषाहार,चावल, गेहूं व रिफाइंड तेल, दाल, दूध, देसी घी आदि का वितरण नहीं किया गया है। आरोप है कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा यह कहकर धमकी दी जाती है कि चाहे जहाँ शिकायत करो उनका कुछ बिगड़ने वाला नहीं है, वह अधिकारियों को घूस देती है जिससे कोई कार्यवाही नहीं हो सकती। ऐसी स्थिति में प्रार्थीगण ने काफी परेशान होकर संपूर्ण मामले की स्थलीय जांच कराकर सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र से वितरण कराये जाने वाले पोषाहार व अन्य वस्तुओं को दिलाया जाना और आंगनबाड़ी केंद्र को चालू कराते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सहायिका के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही किया जाना नितांत आवश्यक बताते हुए स्थलीय जांच कराकर आंगनबाड़ी केंद्र केंद्र से पोषाहार व अन्य सामग्री दिलाते हुए आंगनबाड़ी केंद्र को चालू कराने व आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सहायिका के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

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