हाथरस -हसायन में संदिग्ध रूप से मिले पंडित दीनदयाल उपाध्याय मूर्ति पथ पर पडे अवैध दस कारतूस
दो खोखा व आठ जिंदा कारतूस मिलने से मचा हडकंप
हाथरस जनपद के हसायन कस्बे में पंडित दीनदयाल उपाध्याय तिराहा मार्ग पर मंगलवार सुबह सफाई कर्मचारियों को संदिग्ध वस्तु मिली। मूर्ति पथ पर एक सफेद कपड़े में लिपटे हुए दस कारतूस पाए गए, जिनमें दो खोखा और आठ जिंदा कारतूस शामिल थे।
सफाई कर्मचारी प्रतिदिन की तरह सुबह साफ-सफाई का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति के पास सीढ़ियों पर एक सफेद कपड़े में कुछ संदिग्ध सामान दिखा। कर्मचारी ने इसकी सूचना तत्काल नगर पंचायत के सफाई सुपरवाइजर विनीत कुमार बाल्मीकि को दी।सुपरवाइजर विनीत बाल्मीकि मौके पर पहुंचे और कपड़े को खोलकर देखा। उसमें 315 बोर के दस कारतूस थे। उन्होंने तुरंत नगर पंचायत अध्यक्ष पति पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सेठ ओमप्रकाश यादव को घटना की जानकारी दी।
सेठ ओमप्रकाश यादव ने सुपरवाइजर को कारतूस कोतवाली में जमा कराने के निर्देश दिए। सुपरवाइजर विनीत बाल्मीकि ने कोतवाली पहुंचकर दस कारतूस (दो खोखा और आठ जिंदा) और सफेद कपड़ा पुलिस को सौंप दिया। कोतवाली पुलिस ने 315 बोर के इन संदिग्ध कारतूसों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस कारतूसों के मिलने के बाद भी अवैध कारतूस के मिलने पर पर्दा डालने के प्रयास में लगी हुई है, हालांकि पुलिस कारतूसों के मिलने के बाद भी कारतूसों के बारे में जानकारी देने से बच रही है। पुलिस पंडित दीनदयाल उपाध्याय तिराहा मूर्ति पथ की सीढिय़ों पर संदिग्ध रूप से कपड़े में लिपटे पड़े हुए मिले सभी दस अवैध 315 बोर के कारतूस के बारे में चोरी छिपे यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर ये कारतूस मूर्ति पथ पर किसने और क्यों रखे थे।
इन अवैध कारतूसों को रखने वाले संदिग्ध का क्या उद्देश्य हो सकता है। दस अवैध कारतूसों में से आठ जिंदा बिना प्रयोग किए व दो खोखा कारतूस प्रयोग किए चले हुए कारतूस कहां से आए है। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी गिरीश चन्द्र गौतम ने बताया कि वह इस संबंध में जानकारी करने के बाद ही कुछ जानकारी बता पाएंगे
हाथरस से अर्जुन सिंह