आस्था के सैलाब के बीच अस्तचलगामी भगवान भास्कर को दिया गया अर्घ्य

आस्था के सैलाब के बीच अस्तचलगामी भगवान भास्कर को दिया गया अर्घ्य

जयप्रकाश वर्मा

ककराही सोनभद्र । संतान और परिवार तथा समाज की सुख शान्ति और समृद्धि के लिए लोक आस्था का महापर्व डाला छठ पर जनपद के विभिन्न तालाबों, सरोवरों, नदी, नहरों आदि पर व्रती महिलाओं ने सोमवार को अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया। इस दौरान विभिन्न घाटों पर भारी भीड़ जुटी रही। वही भीड़ को नियंत्रित व यातायात को सुगम बनाने के लिए करमा पुलिस मुस्तैद रही। घाटों पर प्रकाश, पेयजल आदि की व्यवस्था की गई।

 

घाटों पर उमड़ा जनसमूह, मेले जैसा दृश्य

छठ पर व्रती महिलाएं दोपहर के बाद से परिवार के साथ गाजे बाजे के साथ पैदल ही घाटों की ओर रवाना हुई। महिलाएं छठ माता की महिमा आधारित गीता गाती जा रही थी। पूरा जनपद भक्ति मय हो गया। सरोवर में गन्ने का मंडप बनाया और धूप, दीप, फूल माला से पूजा अर्चना की। इसके बाद जल में उतरी और कमर भर पानी होने पर व्रतियों ने खड़े होकर भगवान भास्कर के अस्त होने का इंतजार किया। जैसे ही सूर्य ने रूप बदल कर लालिमा बिखेरी और अंधकार का असर हुआ वैस ही लोगों ने जयकारे के साथ दूध जल आदि से अर्घ्य दिया। घाटों पर मेले जैसा दृश्य रहा।

 

के बाद लोग वापस घर आ गया। छठ पूजा उत्सव के

 

ककराही स्थित पोखरे पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। पोखरे के मुख्य द्वार भूले भटके को राह दिखाने के लिए तमाम समितियों द्वारा सहायतार्थ शिविर लगाया गया था। नवयुवक दुर्गा पूजा एवम् गणेश लक्ष्मी पूजा सेवा समिति व ककराही सेवा समिति अरविन्द विश्वकर्मा, आनन्द केशरी, अखिलेश धर दुबे, मिथिलेश धर दुबे, द्रविन मोदनवाल, श्याम नारायण विश्वकर्मा, अनिल जायसवाल खुशबू इलेक्ट्रॉनिक, सोनू मौर्या जगनेटरवाले, मिंटू मिश्रा, धनंजय गुरु, गणेश उर्फ़ विवेक मिश्रा, लवकुश प्रजापति बाबू पटेल द्वारा शिविर लगाकर व्रती महिलाओं सहित साथ आए लोगों की आव भगत व पेयजल, चाय की व्यवस्था में तल्लीन दिखे। सूर्यास्त के पूर्व भारी भीड़ जमा हो गई। सरोवर में गोताखोर नाव पर बराबर चक्रमण करते रहे। इसके पूर्व व्रती महिलाओं ने सरोवर तट पर विधि विधान से छठ पूजन कर अस्ताचलगामी सूर्य को नमन किया। परिजनों ने अर्घ दिया और छठ गीत गाती हुई समूह में महिलाएं देर शाम को घरों को प्रस्थान की। दूरदराज से आई व्रती महिलाओं व परिजनों के लिए छठ पूजा समिति द्वारा स्थापित शिविर में ठहराव कर आगे की कार्य में जुट गई। अन्तर्गत क्षेत्र के विभिन्न गांवों ककराही, सिलखोरा, डेहरी, कुशाही, कठपुरवा, गौरी, आसना, करकी,आदि दर्जनों गांवों में छठ घाटों पर रविवार की शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को श्रद्धालुओ ने छठ का पहला अघ्य दिया। इस वर्ष छठ पर्व की

शुरुवात शुक्रवार को नहाय खाय के साथ हुई शनिवार को ब्रतियो का प्रसाद ग्रहण किया। भगवान सूर्य सम्पूर्ण शक्ति के

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