आरोपों पर गरजा संगठन: ‘पहले दस्तावेज पढ़िए, फिर फैसला कीजिए’
सर्वेश पाठक के बचाव में उतरा भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ;
नामपट्ट की लिपिकीय त्रुटि को बनाया गया विवाद संगठन का दावा,गलती सामने आते ही विभाग को दी सूचना
पत्रकारों से अपील,एकतरफा आरोप नहीं,अभि लेख और संबंधित पक्ष का मत देखकर ही खबर प्रकाशित करें..
गोंडा:भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ (भाजपा प्रणित) ने अपने राष्ट्रीय महासचिव सर्वेश पाठक के संबंध में प्रसारित आरोपों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।संगठन ने कहा है कि किसी लिपिकीय त्रुटि को आधार बनाकर वर्षों के सार्वज निक और सामाजिक योगदान पर सवाल खड़ा करना उचित नहीं है।महासंघ ने उपलब्ध विभागीय पत्राचार, पद संबंधी अभिलेख और संबंधित पक्ष के स्पष्टीकरण की निष्पक्ष जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की मांग की है।संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 24 जुलाई को हरदोई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नाम पट्ट पर पदनाम में लिपिकीय त्रुटि सामने आई। सर्वेश पाठक ने 28 जुलाई को संबंधित विभाग को स्वयं लिखित सूचना देकर संशोधन का अनुरो ध किया।संगठन का दावा है कि विभागीय पत्र मिलने के करीब आधे घंटे के भीतर ही उनके वर्तमान पद का विवरण उपलब्ध करा दिया गया था।
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‘लिपिकीय गलती को आरोप का आधार बनाना उचित नहीं’
महासंघ का कहना है कि प्रशासनिक कार्यों में नामपट्ट,अभिलेख या पत्राचार में होने वाली लिपि कीय त्रुटियों का विभागीय स्तर पर संशोधन सामा न्य प्रक्रिया है।ऐसे में पूरे प्रकरण को सभी दस्ता वेजों के साथ देखे बिना निष्कर्ष निकालना न्याय संगत नहीं होगा।संगठन ने स्पष्ट किया कि विभाग के समक्ष संशोधन संबंधी पत्र और स्पष्टीकरण उप लब्ध कराए जा चुके थे।इसलिए पूरे मामले में संबं धित दस्तावेजों और विभागीय पत्राचार की पड़ ताल जरूरी है।
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दो दशक की सक्रियता का हवाला, संगठन ने गिनाए दायित्व
महासंघ ने सर्वेश पाठक के करीब दो दशक लंबे संगठनात्मक एवं सामाजिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने आरएसएस, बजरंग दल,भाजपा युवा मोर्चा और श्रमिक संगठन में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है।संगठन के अनुसार वे आरएसएस में मंडल कार्यवाह और मनकापुर खंड शारीरिक प्रमुख, बजरंग दल में जिला सहसंयोजक, भाजपा युवा मोर्चा में जिला मंत्री व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य तथा भाजपा युवा मोर्चा स्टडी सर्किल में राष्ट्रीय मंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में वे भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव हैं।
‘पहले रिकॉर्ड देखिए, फिर सार्वजनिक निष्कर्ष
महासंघ ने कहा कि किसी व्यक्ति की सार्वजनिक प्रतिष्ठा से जुड़े मामले में आरोप से पहले अभिलेख और निष्कर्ष से पहले संबंधित पक्ष का पक्ष देखा जाना चाहिए।संगठन ने नियुक्ति संबंधी दस्तावेज, विभागीय पत्राचार और स्पष्टीकरण की समग्र जांच की मांग की है।
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मीडिया से दो टूक अपील
संगठन ने पत्रकारों से कहा है कि समाचार प्रका शन या प्रसारण से पहले उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित पक्ष के बयान का परीक्षण किया जाए। महासंघ के मुताबिक, तथ्यपरक और संतुलित पत्र कारिता ही लोकतंत्र में जनविश्वास बनाए रखने का आधार है।
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सामाजिक अभियानों का भी दिया हवाला
बयान में संगठन ने श्रमिक हित,पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान,वृक्षारोपण और जनसेवा से जुड़े अभिया नों में सर्वेश पाठक की भूमिका का उल्लेख किया। महासंघ ने दावा किया कि उनके जन्मदिवस पर राष्ट्रीय स्तर पर रक्तदान अभियान आयोजित किए गए, जिनमें विभिन्न राज्यों से सहभागिता हुई।
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संगठन का संदेश: ‘दुष्प्रचार से विचलित न हों’
महासंघ ने अपने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट प्रचार से प्रभावित न हों।संगठन ने कहा कि वह संविधान, विधि के शासन और सत्य में विश्वास रखते हुए श्रमिक,समाज और राष्ट्रहित में अपनी गतिविधियां जारी रखेगा।
संगठन का संकल्प
“सेवा हमारा धर्म है। सत्य हमारी शक्ति है। संविधान हमारा मार्गदर्शक है और राष्ट्रहित हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”