दिनांक: 04/06/2026

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राष्ट्रीय चिंतन शिविर का प्रथम दिवस संपन्न, किसानों-मजदूरों ने संघर्ष को और मजबूत करने का लिया संकल्प

हरिद्वार (उत्तराखंड) – भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर का प्रथम दिवस आज अलकनंदा घाट, गंगा तट, हरिद्वार में व्यापक सहभागिता और गंभीर विचार-विमर्श के साथ संपन्न हुआ। दिनांक 04 जून से 06 जून 2026 तक आयोजित होने वाले इस राष्ट्रीय चिंतन शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से आए किसान, मजदूर, युवा एवं संगठन के पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

राष्ट्रीय चिंतन शिविर के प्रथम दिवस का आयोजन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश यादव की अध्यक्षता में किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि किसानों और मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करना होगा तथा अन्याय, शोषण और किसान विरोधी नीतियों के विरुद्ध एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि किसान और मजदूर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता होना चाहिए।

इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रवक्ता सत्येंद्र कुमार मौर्य, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमाकांत श्रीवास्तव, जालंधर सिंह पटेल (मंडल अध्यक्ष, प्रयागराज), उपाध्यक्ष तारकेश्वर सिंह, युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद आज़ाद, प्रदेश महामंत्री शिवराज सिंह यादव, लखनऊ उपाध्यक्ष राम प्रधान सिंह, मनोज कुमार रावत (जिला अध्यक्ष, सीतापुर), सरकार अंसारी (जिला अध्यक्ष, बाराबंकी), सतीश कुमार यादव (जिला अध्यक्ष, अयोध्या), युवा मंडल अध्यक्ष शिवकुमार प्रताप सिंह, नेताजी दिनकर भैया, जेपी कनौजिया तथा अन्य पदाधिकारियों ने किसानों और मजदूरों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।

वक्ताओं ने खेती की बढ़ती लागत, न्यूनतम समर्थन मूल्य, बिजली, सिंचाई, डीजल की बढ़ती कीमतें, बेरोजगारी, महंगाई तथा मजदूरों के अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा किसान-मजदूर एकता को मजबूत करने पर बल दिया गया।

राष्ट्रीय चिंतन शिविर के प्रथम दिवस में उपस्थित हजारों किसानों एवं मजदूरों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश यादव के नेतृत्व में विश्वास व्यक्त करते हुए दोनों हाथ उठाकर संगठन के संघर्ष को और मजबूत करने का संकल्प लिया। उपस्थित जनसमूह ने कहा कि जब तक किसानों और मजदूरों के हितों में प्रभावी कार्यवाही नहीं होती तथा उनके साथ होने वाले अन्याय और शोषण पर रोक नहीं लगती, तब तक संघर्ष और आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।

चिंतन शिविर के आगामी सत्रों में किसानों, मजदूरों, युवाओं एवं ग्रामीण समाज से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी तथा भविष्य की रणनीति तय की जाएगी।

जारीकर्ता

केंद्रीय कार्यालय

भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति

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