पत्रकार के हस्तक्षेप से मामले को निपटाने का किया जा रहा प्रयास।*

*पत्रकार के हस्तक्षेप से मामले को निपटाने का किया जा रहा प्रयास।*

 

*अंजली हॉस्पिटल पर नही दर्ज हुई कोई एफआईआर।*

 

*अवैध हॉस्पिटलों व अवैध पैथालॉजीयों की नही हुई अभी तक कोई जाँच।*

 

 

*निघासन खीरी।* बीते दिनों एक अवैध हॉस्पिटल(अंजली हॉस्पिटल) की कारगुजारियों के चलते एक जच्चा-बच्चा को अपनी जान गवानी पड़ी थी।

मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में अभी तक नही दर्ज हुई कोई एफआईआर।

एक पत्रकार के हस्तक्षेप के चलते मामले को निपटाने का किया जा रहा प्रयास।

स्वास्थ्य विभाग अपनी कारगुजारियों के चलते एक बार फिर चर्चे में, अब देखना यह है कि निघासन में कुकुरमुत्ते की तरह जमे हुए अवैध हॉस्पिटलों व अवैध पैथालॉजीयों पर कोई कार्यवाही होती है या नही।

फिलहाल माहौल देखकर ये लग रहा है कि लीपापोती होना तय।

 

 

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