खाद्यान्न वितरण में कोटेदार की मनमानी बढ़ा रही कार्ड धारकों की परेशानी*

*खाद्यान्न वितरण में कोटेदार की मनमानी बढ़ा रही कार्ड धारकों की परेशानी*

रिपोर्ट सुशील कुमार द्विवेदी

 

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार पर अंकुश लगाने व प्रदेशवासियों के जान माल की सुरक्षा हेतु संपूर्ण प्रदेश में आंशिक लॉकडाउन लगाया गया। जिसकी वजह से व्यापारियों सहित मजदूरी पेशा वाले लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। गरीब असहाय लोगों को पैसौ के अभाव में भूखे पेट ना सोना पड़े इसके लिए केंद्र व प्रदेश सरकार के द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से महीने में दो बार प्रथम बार पैसे से और दूसरी बार निशुल्क खाद्यान्न देने का आदेश जारी किया। उक्त आदेश के अनुक्रम में मई माह के दूसरे चरण में सभी कार्ड धारकों को प्रति यूनिट 5 किलोग्राम के हिसाब से निशुल्क खाद्यान्न का वितरण कराया जाना था सरकार के इस निर्णय का दबंग व भ्रष्ट कोटेदारों नें जमकर फायदा उठाया और कार्ड धारकों को प्रति यूनिट एक से डेढ़ किलो ग्राम खाद्यान्न कम दिया गया। ऐसा ही एक कारनामा गोंडा जनपद अंतर्गत विकासखंड रुपईडीह के ग्राम पंचायत तेलियानी पाठक के राशन की दुकान पर देखने को मिला कोटेदार दुखहरण मोर्या के राशन की दुकान से तिर्रेमनोरमा ग्राम पंचायत के निलंबित कोटे की दुकान भी अटैच है।यहां के दर्जनों कार्ड धारकों नें मौखिक रूप से बताया कि निशुल्क वितरण किए जा रहे खाद्यान्न में कोटेदार के द्वारा प्रति कार्ड 2 से 3 किलो खाद्यान्न कम दिया जा रहा है और दिए जा रहे खाद्यान्न में एक से डेढ़ किलो की घटतौली भी की जा रही है। वही तिर्रेमनोरमा के अंत्योदय व पात्र गृहस्थी कार्ड धारक सुनंदा देवी के पति प्रेम सिंह व मनीष कुमार ने कैमरे पर बयान देते हुए बताया है कि कोटेदार ने प्रथम चक्र के खाद्यान्न वितरण में प्रति कार्ड 2 से 3 किलो खाद्यान्न कम देने के साथ-साथ निर्धारित मूल्य से अधिक रूपये लिए और कटौती के बाद जो खाद्यान्न दिया उसमें भी 1 किलो ग्राम खाद्यान्न की घटतौली की गई। वितरण के दौरान जो नजारा दिखा उसमें मास्क सहित कोविड-19 के अन्य दिशा-निर्देशों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। इतना ही नहीं पर्यवेक्षणीय अधिकारी की अनुपस्थिति में कोटेदार दुखहरण मौर्या के द्वारा मनमाने तरीके से खाद्यान्न का वितरण भी कराया गया।

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